Dharmendra Pradhan Resigns: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और नेता अभिजीत दिपके ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए”। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
Dharmendra Pradhan Resigns: दिपके बोले- सरकार को आखिरकार झुकना पड़ा
दिपके ने कहा कि अक्सर लोग कहते थे कि इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते, लेकिन लगातार संघर्ष के कारण आखिरकार सरकार को झुकना ही पड़ा। उन्होंने जंतर-मंतर पर जश्न मनाते हुए कहा कि आंदोलन की बड़ी जीत हुई है और यह युवाओं के संघर्ष की क्रांति है। CJP ने सरकार के साथ बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को “नॉन-नेगोशिएबल” बताया था।
धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा और सोशल मीडिया पर पत्र साझा कर बताया कि वे पिछले कुछ दिनों की घटनाओं और पेपर लीक विवाद से बेहद व्यथित हैं। उन्होंने साफ किया कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। वह नहीं चाहते कि छात्रों का ध्यान कानूनी और राजनीतिक विवादों में उलझे। (Dharmendra Pradhan Resigns)
CJP ने सरकार के सामने रखीं दो ‘नॉन-नेगोशिएबल’ मांगें
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी CJP ने आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं किया है। पार्टी ने सरकार के सामने दो और शर्तें रखी हैं। पहली, NEET विवाद के चलते आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए। दूसरी, आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी मामले तुरंत वापस लिए जाएं। (Dharmendra Pradhan Resigns)











