दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए भारी बवाल के बाद राजधानी में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। Delhi CJP Protest Updates के अनुसार, पुलिस द्वारा खाली कराए गए जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी देर रात एक बार फिर जुटने शुरू हो गए हैं। इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट करने का अहम आदेश दिया है, जिससे इस पूरे घटनाक्रम को एक नया मोड़ मिल गया है।
दूसरी तरफ, संसद भवन के आसपास हुई झड़पों के बाद घायल हुए युवाओं से मिलने के लिए विपक्षी नेता भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने घायलों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। सड़क से लेकर अदालत और अस्पताल तक चल रही इस राजनीतिक खींचतान ने दिल्ली के माहौल को पूरी तरह से गरमा दिया है।
जंतर-मंतर पर फिर से जुटे प्रदर्शनकारी: अभिजीत दीपके का बड़ा बयान
सोमवार को हुए हिंसक टकराव और धक्का-मुक्की के बाद दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को पूरी तरह से खाली करवा दिया था। हालांकि, देर रात होते-होते प्रदर्शनकारियों ने एक बार फिर से वहां अपनी मौजूदगी दर्ज करानी शुरू कर दी। युवाओं का कहना है कि पुलिस की सख्ती और पाबंदियों के बावजूद उनका आंदोलन बंद नहीं होगा।
जंतर-मंतर पर मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया कि अब सरकार के साथ बंद कमरों में कोई बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि जिसे भी आंदोलनकारियों से संवाद करना है, उसे सीधे जंतर-मंतर पर आना होगा। दीपके के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारियों में नए सिरे से उत्साह देखा जा रहा है।
Delhi CJP Protest Updates: सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने की मिली इजाजत
अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को लेकर कानूनी लड़ाई में उनकी पत्नी डॉ. गीतांजलि आंग्मो को बड़ी राहत मिली है। दिल्ली हाईकोर्ट ने वांगचुक को सरकारी सफदरजंग अस्पताल से गुड़गांव के निजी मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। अदालत के इस फैसले से वांगचुक के समर्थकों और परिजनों ने राहत की सांस ली है।
कोर्ट की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने केंद्र सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार को वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वे डॉक्टरों की लगातार मेडिकल निगरानी में रहें। इसके साथ ही कोर्ट ने निर्देश दिया कि मेदांता के डॉक्टरों की सलाह के बिना उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज न किया जाए।
डॉ. गीतांजलि आंग्मो का गंभीर आरोप: सफदरजंग अस्पताल में था नजरबंदी जैसा माहौल
अदालत के रुख पर खुशी जाहिर करते हुए डॉ. गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि भारत में हर लोकतांत्रिक नागरिक को अपनी पसंद का डॉक्टर और इलाज चुनने का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक को एक तरह से नजरबंद करके रखा गया था, ताकि वे बाहर के लोगों से संपर्क न कर सकें।
गीतांजलि ने यह भी खुलासा किया कि जो डॉक्टर पिछले 20 दिनों से वांगचुक की सेहत पर नजर रख रहे थे, उन्हें भी अस्पताल के भीतर जाने से रोक दिया गया था। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए अपना अनशन जारी रखने का फैसला किया है। परिजनों का मानना है कि जंतर-मंतर पर भी उनकी सेहत की निगरानी आसानी से की जा सकती थी।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने जाना घायलों का हाल: अस्पताल पहुंचे कई सांसद
सोमवार को संसद मार्ग पर हुई झड़प में घायल हुए छात्रों और पुलिसकर्मियों से मिलने के लिए कई प्रमुख नेता अस्पताल पहुंचे। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने घायल प्रदर्शनकारियों से मिलकर उनके प्रति संवेदना व्यक्त की। इस दौरान विपक्ष ने पुलिस की कथित कड़ाई और बल प्रयोग की तीखी आलोचना की है।
इससे पहले भी सफदरजंग अस्पताल पहुंचे कई विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया था कि प्रशासन उन्हें सोनम वांगचुक से मिलने नहीं दे रहा है। नेताओं का दावा है कि सरकार छात्रों की जायज आवाज़ को दबाने के लिए प्रशासनिक ताकत का इस्तेमाल कर रही है। इस मुद्दे को लेकर संसद के भीतर भी जोरदार हंगामा होने के आसार बन गए हैं।
CJP आंदोलन की नई रणनीति: सरकार से सीधे टकराव के मूड में प्रदर्शनकारी
जंतर-मंतर पर दोबारा शुरू हुए इस प्रदर्शन के बाद CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के नेताओं ने अपनी रणनीति बदल दी है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ हुई बेनतीजा बैठक के बाद अब संगठन ने अपना रुख और सख्त कर लिया है। नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे।
प्रदर्शनकारी अब धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और परीक्षा सुधारों को लेकर लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हैं। देर रात जंतर-मंतर पर पहुंचे हजारों युवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे लंबे समय तक डटे रहने की तैयारी के साथ आए हैं। सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी जंतर-मंतर पर बढ़ती भीड़ को संभालना एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
अदालत की निगरानी और दिल्ली पुलिस का अलर्ट मोड
दिल्ली हाईकोर्ट ने सफदरजंग अस्पताल प्रशासन को आदेश दिया है कि सोनम वांगचुक के सभी मेडिकल रिकॉर्ड्स के साथ उन्हें मेदांता ट्रांसफर किया जाए। अदालत के इस हस्तक्षेप के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल बढ़ गई है। पुलिस अब अस्पताल से लेकर जंतर-मंतर तक सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा रखने में जुटी है।
वहीं, राजधानी के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। Delhi CJP Protest Updates के अनुसार, संसद के आसपास की सुरक्षा में कोई ढील नहीं दी जा रही है। जगह-जगह अतिरिक्त बैरिकेडिंग की गई है ताकि प्रदर्शनकारियों को फिर से संसद भवन की तरफ बढ़ने से रोका जा सके।
निष्कर्ष: सड़क से अदालत तक गरमाया दिल्ली का सियासी माहौल
संक्षेप में कहें तो दिल्ली में चल रहा यह प्रदर्शन अब केवल सड़कों का आंदोलन नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक और कानूनी मुद्दा बन चुका है। सोनम वांगचुक के अस्पताल स्थानांतरण से लेकर विपक्ष के कड़े तेवरों तक, इस घटनाक्रम ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
Delhi CJP Protest Updates के जरिए यह साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है। एक तरफ जहां छात्र जंतर-मंतर पर डटे रहने का संकल्प ले चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से निपट रहे हैं। अब देखना होगा कि मेदांता शिफ्ट होने के बाद वांगचुक का अगला कदम क्या होता है।










