Uttarakhand Rains: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश और बादल फटने के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गया है। जिला प्रशासन ने तटीय और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।
ताजा आंकड़ों के अनुसार, अलकनंदा नदी 626.80 मीटर पर बह रही है, जो इसके चेतावनी स्तर (626 मीटर) को पार कर चुकी है और खतरे के निशान (627 मीटर) के बेहद करीब है। वहीं, मंदाकिनी नदी भी 625.60 मीटर पर दर्ज की गई है, जो अपने चेतावनी स्तर (625 मीटर) से ऊपर बह रही है।
हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि अन्य निगरानी केंद्रों पर जलस्तर नियंत्रण में रहा। गंगानगर में नदी का जलस्तर 800.28 मीटर दर्ज किया गया, जबकि गौरीकुंड में 1,973.92 मीटर दर्ज किया गया, दोनों ही अपने-अपने चेतावनी स्तर से नीचे रहे। जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मौसम और सड़कों की स्थिति की जांच करने के बाद ही यात्रा शुरू करने को कहा है। (Uttarakhand Rains)
Uttarakhand Rains: भूस्खलन के बीच चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक, राहत दल अलर्ट पर
आपदा प्रबंधन विभाग और राहत-बचाव टीमों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी स्थानीय लोगों और यात्रियों को नदी के घाटों और संवेदनशील किनारों पर न जाने की सख्त हिदायत दी है। निचले और जलमग्न हो रहे क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित शिविरों या ऊंचे स्थानों पर भेजा जा रहा है। भारी बारिश और केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह-जगह भूस्खलन व बोल्डर गिरने के कारण चारधाम और केदारनाथ यात्रा को अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। इतना ही नहीं, पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा टालने की अपील की गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जबकि रुद्रप्रयाग सहित अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई राष्ट्रीय राजमार्ग और स्थानीय सड़कें भी अवरुद्ध हो गई हैं। (Uttarakhand Rains)



