NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के तीन विषय विशेषज्ञों को “लोक सेवक” मानते हुए दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पूरक चार्जशीट दाखिल कर दी है। इन आरोपियों पर पद का दुरुपयोग कर परीक्षा से पहले बेहद गोपनीय प्रश्नपत्रों को बाहर लीक करने और आपराधिक विश्वासघात का गंभीर आरोप लगाया गया है।
NEET-UG 2026: BNS और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत दर्ज हुए गंभीर आरोप
चार्जशीट में मनीषा गुरुनाथ मंधारे (बॉटनी और जूलॉजी), प्रल्हाद विठ्ठलराव कुलकर्णी उर्फ पीवी कुलकर्णी (केमिस्ट्री), और मनीषा संजय हावलदार (फिजिक्स) को नामजद किया गया है। सीबीआई ने इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 316(5) (लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत आरोप लगाए हैं।
BNS की धारा 316(5) के तहत दोषी पाए जाने पर 10 साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा हो सकती है। इसके अलावा, सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 की धारा 11 (संगठित अपराध) के तहत 7 से 10 साल की जेल और न्यूनतम 10 करोड़ रुपये का जुर्माना हो सकता है। (NEET-UG 2026)
चिट्स और NCERT से हुआ पेपर लीक
ये विशेषज्ञ पेपर सेटिंग, मराठी भाषा में अनुवाद, बैक-ट्रांसलेशन और प्रूफरीडिंग के काम में शामिल थे। उन्होंने इस दौरान गोपनीय प्रश्नों को गुप्त तरीके से हासिल किया। सीबीआई जांच के अनुसार, आरोपियों ने प्रश्नों को याद कर लिया, कुछ को कागज़ की छोटी चिट्स पर लिखा, और कुछ को होटल के कमरों में आकर NCERT की किताबों में मार्क कर दिया।
विशेषज्ञों ने लीक किए गए इन प्रश्नों को महाराष्ट्र के लातूर और पुणे के कोचिंग संचालकों व बिचौलियों को सौंप दिया। इसके बदले उन्होंने लाखों रुपये की रिश्वत और आर्थिक लाभ लिया। सीबीआई ने इस पूरे सिंडिकेट और मनी ट्रेल को उजागर करने के लिए व्यापक डिजिटल और फॉरेंसिक सबूत जुटाए हैं। (NEET-UG 2026)
CBI ने 13 आरोपियों के खिलाफ पेश किए 360 गवाह और 422 सबूत
लातूर के आरोपी के मोबाइल फोन से मिले 136 हस्तलिखित सवालों में से 111 सवाल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मास्टर प्रश्न पत्र से पूरी तरह मेल खा गए, जो पुख्ता सबूत है। इस चार्जशीट में 13 मुख्य आरोपियों को नामजद किया गया है, जिनमें सॉल्वर गैंग के विशेषज्ञ, कोचिंग सेंटर संचालक और बिचौलिए शामिल हैं। सीबीआई ने मामले को कोर्ट में साबित करने के लिए 360 गवाहों, 422 दस्तावेजी सबूतों और 43 डिजिटल व भौतिक साक्ष्यों (जैसे फोन और लैपटॉप) को शामिल किया है। (NEET-UG 2026)
यह परीक्षा मूल रूप से 3 मई 2026 को आयोजित की गई थी, जिसे अनियमितताओं और लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद जून में दोबारा परीक्षा (Re-exam) कराई गई थी। सीबीआई की इस कार्रवाई को देश की परीक्षा प्रणालियों में सुचिता और पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।











