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उत्तराखंड: हल्द्वानी हिंसा में 19 नामजद आरोपियों समेत 5000 लोगों के खिलाफ एक्शन, राज्य पुलिस अलर्ट मोड पर

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उत्तराखंड के हल्द्वानी में गुरूवार को भड़की हिंसा थमती दिखाई नहीं दे रही है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में अवैध निर्मित मदरसे के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद भड़की हिंसा को लेकर उत्तराखंड सरकार एक्शन मोड में है। राज्य पुलिस ने अब तक 19 नामजद आरोपियों सहित 5000 लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है।

उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुई भयानक हिंसा के बाद पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार अलर्ट मोड पर है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में गुरूवार को अवैध मदरसा तोड़े जाने की कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा में छह उपद्रवियों की मौत हो गई, जबकि हालात पर काबू पाने के लिए क्षेत्र में कर्फ्यू दूसरे दिन भी लागू रहा। हिंसा के बाद सूबे की धामी सरकार एक्शन में है, अब तक 19  नामजद समेत पांच 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ कुल तीन FIR दर्ज की गई। हिंसा में अब तक 50 से ज्यादा आरोपियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। इतना ही नहीं हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखन के लिए पूरे इलाके को 5 जोन में बांट दिया है और 7 मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है।    

दंगाइयों ने पत्रकारों को बनाया निशाना

बनभूलपुरा इलाके में भड़की हिंसा में दंगाइयों ने कई पत्रकारों को भी निशाना बनाया। पत्रकार जैसे-तैसे अपनी जान बचाकर पुलिस बल के साथ किसी तरह इलाके की गलियों से निकले। इस दौरान भी दंगाइयों ने पत्थरबाजी की। इतना ही नहीं कई पत्रकारों के कैमरे तोड़ दिए। पत्रकारों को जिंदा आग में झोंकने तक का प्रयास किया गया है। हिंसा में घायल पत्रकारों को बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक इस घटना में 12 से अधिक पत्रकार जख्मी हुए हैं, तो कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। हिंसा में महिलाकर्मियों के साथ भी मारपीट की गई, उन पर पत्थरों और बंदुकों से हमला किया गया।

सबके वीडियो मौजूद, एक्शन होगा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा ‘कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने का काम चल रहा था। अतिक्रमण हटाने के दौरान हमला हुआ है। हमारी महिलाकर्मियों को जिस तरह मारा पीटा गया है, पत्थरों और बंदूकों से हमला किया है, इसके बारे में जितना खराब कहा जाए वह कम है। उत्तराखंड देवभूमि है, यहां कभी ऐसे हालात कभी नहीं हुए। इन्होंने देवभूमि की हवा खराब करने का काम किया है। पत्रकारों के साथ मारपीट हुई है, बुरी तरह से उनके कैमरे तोड़े गए हैं। पत्रकारों को जिंदा आग में झोंकने तक का प्रयास किया गया है। कानून अपना काम करेगा। जिन लोगों ने भी सरकारी संपत्ति जलाई है उनके वीडियो मौजूद हैं, उनपर कार्रवाई की जाएगी।’

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