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राम जन्मभूमि दान मामले में पुलिस का शिकंजा, मुख्य आरोपी टीनू यादव हिरासत में; SIT जुटा रही साक्ष्य

Ram Mandir Donation Controversy

Ram Mandir Donation Controversy: अयोध्या पुलिस ने राम जन्मभूमि मंदिर में कथित गबन मामले के आरोपी राम शंकर यादव उर्फ टीनू यादव को हिरासत में ले लिया है। यह गिरफ्तारी राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन में पुलिस द्वारा राम जन्मभूमि मंदिर में दान निधि के कथित बड़े पैमाने पर वित्तीय दुरुपयोग के संबंध में एफआईआर दर्ज करने के बाद हुई है।

Ram Mandir Donation Controversy: CCTV फुटेज के आधार पर कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्णमोहन ने दर्ज कराई थी। एफआईआर में मंदिर परिसर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में लगे कई कर्मचारियों की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है। एफआईआर में दान स्वरूप मिले नकद पैसे, सोने-चांदी के आभूषण और कीमती वस्तुओं के बड़े पैमाने पर दुरुपयोग और चोरी का जिक्र है। आरोपियों को सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर चढ़ावे से पैसे निकालते हुए पकड़ा गया है।

ट्रस्ट से जुड़े 9 लोग नामजद

इस मामले में नौ व्यक्तियों को मुख्य संदिग्धों के रूप में नामित किया गया है, साथ ही कई अज्ञात व्यक्तियों को भी शामिल किया गया है।
नामजद आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, रमाशंकर यादव उर्फ टीनू और आशुतोष तिवारी शामिल हैं। (Ram Mandir Donation Controversy)

आरोपियों के खिलाफ BNS और भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत केस

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (नौकर या क्लर्क द्वारा संपत्ति की चोरी), 316 (आपराधिक विश्वासघात), 317 (चोरी की संपत्ति को बेईमानी से प्राप्त करना) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) भी जोड़ी गई है।

आरोपी के ठिकानों से नकदी और दस्तावेज मिलने का दावा

पुलिस टीनू यादव को लेकर उसके हॉस्टल पहुंची, जहां छापेमारी के दौरान कुछ चीजें बरामद की गईं। इसके अलावा, जांच के दौरान कुछ आरोपियों के ठिकानों से लाखों रुपये की नकदी और संपत्ति के दस्तावेज मिलने का भी दावा किया गया है। टीनू यादव को राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का करीबी और पूर्व ड्राइवर बताया जाता है, जो बाद में ट्रस्ट के कार्यों और दान प्रबंधन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ गया था। इस मामले की गहन जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित 3-सदस्यीय एसआईटी (SIT) लगातार साक्ष्यों को खंगाल रही है और हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है। (Ram Mandir Donation Controversy)

7 करोड़ से अधिक के कथित गबन की जांच में नया मोड़

यह कार्रवाई अयोध्या से सपा के पूर्व विधायक पवन पांडे के आरोपों के बाद की गई, जिन्होंने दावा किया था कि राम मंदिर के दान में मिली 7 करोड़ से 7.5 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया था। इन दावों के जवाब में, राज्य सरकार ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर कथित घोटाले की जांच के लिए 14 जून को तीन सदस्यीय विशेष जांच दल SIT का गठन किया। सूत्रों के अनुसार, इससे पहले दिन में श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी सदस्य अनिल मिश्रा ने कथित राम मंदिर दान चोरी मामले के संबंध में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया था। (Ram Mandir Donation Controversy)

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