श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

पीलीभीत के भरा पचपेड़ा का होगा मेकओवर, योगी सरकार ने शुरू की तैयारी

सीएम योगी के विजन अनुसार इस क्षेत्र को ट्रांसफॉर्म करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। अब इसी कार्य योजना पर काम करते हुए यूपीसीडा 304.83 करोड़ रुपए की लागत...
bhara-pachpera-of-pilibhit-will-be-developed-yogi-government-started-preparation

Pilibhit: योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने और स्ट्रैटेजिक लोकेशन को नए तरीके से औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की दिशा में योगी सरकार कई परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। अब इसी कड़ी में पीलीभीत के भरा पचपेड़ा को भी औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि तराई का यह क्षेत्र उत्तराखंड से सटा हुआ है, ऐसे में यहां औद्योगिक निवेश तो आया ही है, कुछ औद्योगिक इकाइयां भी संचालित हो रही है। अब उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकिरण (यूपीसीडा) द्वारा यहां औद्योगिक क्षेत्र के विकास से बड़े स्तर पर कायाकल्प होगा। सीएम योगी के विजन अनुसार इस क्षेत्र को ट्रांसफॉर्म करने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई थी। अब इसी कार्य योजना पर काम करते हुए यूपीसीडा 304.83 करोड़ रुपए की लागत से पीलीभीत के भरा पचपेड़ा को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है।

दो फेज में होगी विकास प्रक्रिया (Pilibhit)

यूपीसीडा द्वारा भरा पचपेड़ा क्षेत्र को दो फेज में औद्योगिक क्षेत्र के तौर पर विकसित किया जाएगा। पहले फेज में प्रक्रिया के तहत 184.12 करोड़ रुपए और दूसरे फेज में 120.71 करोड़ रुपए व्यय करके विकास कार्यों को पूर्ण किया जाएगा। उल्लेखनीय है निर्माण और विकास कार्यों को पूरा करने के लिए यूपीसीडा द्वारा रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) माध्यम से आवेदन मांगे गए हैं।

यह भी पढ़ें- वाराणसी पहुंचा देश का पहला Hydrogen Cruise, जानें इसकी खासियत

सभी निर्माण कार्यों को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) के माध्यम से पूरा किया जाएगा और एजेंसी निर्धारण के उपरांत 18 महीने के अंदर विकास कार्यों को पूरा करने की समयावधि तय की गई है। सभी निर्माण कार्यों के डिफेक्ट लाइबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के रूप में 36 महीनों की समयसीमा निर्धारित की गई है जबकि 3 महीने का मेंटेनेंस पीरियड भी डीएलपी के दौरान ही निर्धारित होगा।

रोड व ब्रिज वर्क समेत तमाम प्रकार के निर्माण-विकास कार्य होंगे पूर्ण

परियोजना के अंतर्गत भरा पचपेड़ा के विकास का जो खाका खींचा गया है, उसमें रोड्स और बिज का नेटवर्क भी शामिल है। परियोजना के अंतर्गत चिह्नित औद्योगिक क्षेत्र को 18 से 45 मीटर के सड़कों के जाल से जोड़ा जाएगा। अर्थ वर्क, रोड पेवमेंट, रोड लेकर, रोड मार्किंग, साइनेज, ट्रक ले बाय, रोड ड्रनेज वर्क्स, फुटपाथ, मीडियन और जंक्शंस का विकास किया जाएगा। 160 मीटर लंबाई की 6 लेन युक्त बड़े ब्रिज का भी निर्माण होगा। एलिवेटेड सर्विस रिजर्वॉयर के साथ ही पोर्टेबल सप्लाई वाटर नेटवर्क का भी विकास किया जाएगा।

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

CM Mohan Yadav
उज्जैन में 168 एकड़ जमीन खरीद के आरोपों से घिरे मोहन यादव, कांग्रेस बोली- MP में चल रहा लूट का इंजन; मांगा इस्तीफा और न्यायिक जांच
Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy: "एक और परत खुली", अखिलेश यादव ने अयोध्या दान विवाद पर भाजपा को बनाया निशाना
West Bengal Assembly
West Bengal Assembly: TMC में सियासी घमासान तेज, मदन मित्रा को मिला चीफ व्हिप का पद, स्पीकर कार्यालय पर नियुक्ति पत्र ठुकराने का आरोप
Ram Mandir Donation Controversy
Ram Mandir Donation Controversy: राम मंदिर चढ़ावे के कथित गबन पर कांग्रेस नेता की मांग- जिम्मेदारों पर हो सख्त कार्रवाई
Tamil Nadu
Tamil Nadu: “फिल्म से CM नहीं, जनता के साथ खड़े होकर नेता बना...”, फिल्म से राजनीति वाली आलोचना पर विजय का पलटवार
Shiv Sena UBT Crisis
महाराष्ट्र की सियासत में बड़ा उलटफेर, शिवसेना (UBT) के 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल; उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका