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श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

एक्ट ईस्ट पॉलिसी से पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ना पीएम मोदी का लक्ष्य

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केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन ने बताया कि पीएम मोदी का विजन देश के उत्तर पूर्व राज्यों को दक्षिण पूर्व एशिया से जोड़ने का है। इस द्विपक्षीय संबंध की मुख्य बिंदु एक्ट ईस्ट पॉलिसी ही है।

केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री राजकुमार रंजन सिंह शुक्रवार को वियतनाम पहुंचे। यहां उन्होंने तीन दिवसीय नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में शिरकत की। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सिंह ने कहा कि पीएम मोदी की विदेश नीति है कि वे पूरी दुनिया को एक परिवार की तरह बनाएं।

जी-20 का मुख्य मकसद भी एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य था जो कि भारत के दर्शन और ज्ञान को बताता है। इसी विदेश नीति को मानकर भारत पूरे विश्व से रिश्ते बेहतर बनाने में जुटा है  खासकर इंडो-पैसिफिक और साउथ ईस्ट एशिया पर ज्यादा फोकस है।

राजकुमार रंजन सिंह ने बताया कि पीएम खासकर जोड़ना, बेहतर बनाना और अधिक मजबूत करने को लेकर समर्पित हैं। उन्होंने कहा ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के साथ हमारे संबंधों का मुख्य बिंदु है और पूर्वोत्तर भारत के सभी राज्यों को इससे जोड़ना पीएम का दृष्टिकोण है।’

उत्तर पूर्व के 250 से ज्यादा समुदाय दक्षिण एशिया के समुदायों से संस्कृति, संगीत और लोकगीत में काफी समानता रखते हैं। इन समानाओं के साथ बौद्ध धर्म और हिंदू धर्म के ऐतिहासिक संबंधों की नींव पर हम रिश्ते को और मजबूत बनाने में जुटे हैं।

राजकुमार रंजन सिंह ने कहा कि यह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल की तीसरी कड़ी है। इससे दक्षिण पूर्व एशिया के सामने मंच तैयार होगा जिससे और कई संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। दक्षिण पूर्व एशिया 11 देशों से बना है जिसमें ब्रुनेई, म्यांमार, कंबोडिया, तिमोर-लेस्ते, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम हैं। उन्होंने बताया कि वियतनाम में भारतीय दूतावास ने पर्यटन और व्यापार बढ़ाने के साथ-साथ लोगों के बीच बेहतर संबंध बनाने पर ध्यान दे रहा है।

मंत्री ने कहा कि पीएम का फोकस उत्तर-पूर्व पर है  इसलिए उन्होंने इसे देश के विकास इंजन के तौर पर भी पेश किया है। यह दक्षिण पूर्व एशिया का गेट-वे है इसी कारण यहां पर इंफ्रास्कचर के विकास को तेज किया गया है ताकि बेहतर कनेक्टिविटी तैयार हो सके। सिंह ने कहा कि भारत और वियतनाम के बीच समानता का एक और कारण है कि पीएम मोदी ने एक जिला-एक उत्पाद को बढ़ावा दिया है  वहीं वियतनाम में भी एक प्रांत-एक उत्पाद का चलन है। दोनों देशों के संबंध को बेहतर बनाने में उत्तर-पूर्व भारत के उत्पाद विशेष रूप से हथकरघा, शिल्पय और बांस की वस्तु का प्रदर्शन कर सकता है।

इस मौके पर वियतनाम में भारतीय राजदूत संदीप आर्य और हो ची मिन्ह सिटी के महावाणिज्य दूत मोहित चंद सेठी भी उपस्थित रहे। महोत्सव के मुख्य आयोजक ने कहा कि कार्यक्रम में एक निवेश और व्यापार सत्र, एक पर्यटन बी2बी बैठक और लोगों से लोगों के बीच आदान-प्रदान बैठक शामिल है जिसका उद्देश्य अकादमिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना, शैक्षिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना और भारत और वियतनाम के बीच सांस्कृतिक समझ को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि निवेश और व्यापार सत्र डोनर मंत्रालय, इन्वेस्ट इंडिया और वियतनाम के निवेशक समुदाय के बीच बातचीत की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे दीर्घकालिक व्यापार संबंधों का मार्ग प्रशस्त होगा।

 

 

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