Skip to main content

श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

अमेरिका ने सीरिया के दो आतंकी ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक

41

इजरायल-हमास जंग के बीच अमेरिकी सेना ने आज सुबह पूर्वी सीरिया में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े दो स्थानों पर एयरस्ट्राइक की है। पेंटागन ने कहा कि ये हमले अमेरिकी ठिकानों और कर्मियों के खिलाफ हाल ही में किए गए ड्रोन और मिसाइल हमलों का जवाब है। पिछले सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सैनिकों पर सीरिया में हमले हुए थे।

पेंटागन के अनुसार 17 अक्टूबर के बाद से इराक में अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों पर कम से कम 12 और सीरिया में चार हमले हुए हैं। वायु सेना ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि उन दो हमलों में 21 अमेरिकी कर्मी घायल हो गए जिनमें इराक में अल-असद एयरबेस और सीरिया में अल-तनफ गैरीसन को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।

सीरिया पर किए गए इस हमले पर अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे. ऑस्टिन का भी बयान आया है। उन्होंने कहा ‘’आज अमेरिकी सैन्य बलों ने पूर्वी सीरिया में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और उससे जुड़े समूहों पर आत्मरक्षा के लिए हमले किए।‘’

अमेरिकी रक्षा सचिव ऑस्टिन ने कहा कि हमलों के दौरान एक अमेरिकी कांट्रेक्‍टर की मौत हो गई थी और 21 अमेरिकी सैन्यकर्मियों को मामूली चोट आईं थी हालांकि सभी ड्यूटी पर लौट आए हैं।

अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि इस कार्रवाई से पता चलता है कि राष्ट्रपति बाइडेन के पास अमेरिकी कर्मियों की सुरक्षा से बढ़कर कोई प्राथमिकता नहीं है। ऑस्टिन ने कहा कि अमेरिका “ऐसे हमलों को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी, अपने कर्मियों और अपने हितों की रक्षा करेगा।” उन्होंने कहा “अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता है और आगे की शत्रुता में शामिल होने का उसका युद्ध का कोई इरादा या इच्छा नहीं है। लेकिन अमेरिकी सेना के खिलाफ ये ईरानी समर्थित हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें रोका जाना चाहिए। इनमें ईरान अपना हाथ छिपाना और हमारी सेनाओं के खिलाफ हमलों में अपनी भूमिका से इनकार करना चाहता है। हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे। अगर अमेरिकी सेनाओं के खिलाफ ईरान के द्वारा हमले जारी रहे तो हम अपने लोगों की सुरक्षा के लिए और आवश्यक कदम उठाने में संकोच नहीं करेंगे।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति जो बाइडेन ने हाल ही में कहा था कि उन्होंने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के खिलाफ ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सीधे चेतावनी दी थी। बाइडेन ने कहा “अयातुल्ला को मेरी चेतावनी थी कि अगर वे उन सैनिकों के खिलाफ आगे बढ़ना जारी रखेंगे तो हम जवाब देंगे और उन्हें तैयार रहना चाहिए।” साथ ही उन्होंने कहा कि इसका इजरायल से कोई लेना-देना नहीं है।

पेंटागन के अनुसार 17 अक्टूबर के बाद से इराक में अमेरिकी ठिकानों और सैनिकों पर कम से कम 12 और सीरिया में चार हमले हुए हैं। वायु सेना ब्रिगेडियर जनरल पैट राइडर ने कहा कि उन दो हमलों में 21 अमेरिकी कर्मी घायल हो गए जिनमें इराक में अल-असद एयरबेस और सीरिया में अल-तनफ गैरीसन को निशाना बनाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था।

 

 

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

JPSC protest
JPSC protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर बवाल, भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती
Colombia Earthquake
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप, 20 की मौत; कई इमारतें ढहीं, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
Jantar Mantar Students Protest
जंतर-मंतर विवाद पर नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- सदन में आइए, चर्चा के लिए तैयार है सरकार... मुंहतोड़ मिलेगा जवाब
Assam Flood
असम में बाढ़ का तांडव: 100 मौतें, 1.4 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; गोलाघाट में धनसिरी ने बढ़ाई तबाही
Jharkhand Student Protest
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव मार्च में हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां; वॉटर कैनन का किया इस्तेमाल
Jharkhand Students Protest
Jharkhand Students Protest: आमरण अनशन के बीच विधानसभा घेराव में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, बोले- सरकार को माननी होगी युवाओं की मांग