JSSC JE Paper Leak Case: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के 2022 के जूनियर इंजीनियर (JE) पेपर लीक मामले में विशेष जांच टीम (SIT) ने बड़ी कार्रवाई की है। परीक्षा आयोजित करने वाली दिल्ली की आउटसोर्सिंग एजेंसी ‘बाइनसिस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ‘(Bynsis Technology Pvt. Ltd.) के मुख्य निदेशक अरुण कुमार को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।
JSSC JE Paper Leak Case: परीक्षा से पहले पटना के सेफ हाउस में अभ्यर्थियों को रटवाए गए थे प्रश्न-उत्तर
जांच एजेंसी की ओर से डिजिटल सर्विलांस के जरिए ट्रैक किए जाने के बाद आरोपी अरुण कुमार को पकड़कर 10 अगस्त 2026 को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है। जांच में सामने आया है कि परीक्षा से ठीक पहले अभ्यर्थियों को पटना के एक सेफ हाउस में इकट्ठा किया गया था, जहां उन्हें रात भर प्रश्न और उत्तर रटवाए गए थे।
अरुण कुमार से पहले पांच आरोपी जा चुके हैं जेल
परीक्षा कराने वाली दिल्ली की ब्लैकलिस्टेड एजेंसी Bynsis Technology Pvt Ltd के शीर्ष अधिकारियों ने पेपर लीक कराने वाले सिंडिकेट के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया था। इस मामले में अरुण कुमार से पहले एजेंसी के सीनियर मैनेजर कृष्ण कुमार, मुख्य सिंडिकेट सदस्य दीपक कुमार, अभिषेक कुमार, दीपक श्रीवास्तव और अभ्यर्थी रंजीत मंडल सहित 5 अन्य आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। (JSSC JE Paper Leak Case)
वायरल आंसर-की के बाद हुई थी JE परीक्षा रद्द
यह परीक्षा 3 जुलाई 2022 को जूनियर इंजीनियर (JE) के 1,279 पदों के लिए आयोजित की गई थी। पहली पाली शुरू होने से पहले ही उत्तरमाला (आंसर-की) सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण छात्र मिथिलेश कुमार महतो की शिकायत पर नामकुम थाने में केस दर्ज कर परीक्षा रद्द कर दी गई थी।
जांच के लिए गठित की गई थी विशेष जांच टीम
उम्मीदवार मिथिलेश कुमार महतो द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद, नामकुम पुलिस स्टेशन में 14 जुलाई, 2022 को एफआईआर दर्ज की गई। यह मामला भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420, 467, 468 और 120 (बी), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 और बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम की धारा 10 के तहत दर्ज किया गया था। इसके बाद जांच का नेतृत्व करने के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। (JSSC JE Paper Leak Case)
JPSC सदस्यों के इस्तीफे के बाद सरकार का एक्शन प्लान
कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पेपर लीक रैकेट में शामिल फरार संदिग्धों का पता लगाने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी सक्रिय रूप से जारी है। बता दें, यह कार्रवाई JPSC के तीन सदस्यों- अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद के रविवार को इस्तीफा देने के बाद हुई है, जबकि राज्य सरकार ने कथित भर्ती अनियमितताओं की जांच के लिए अपराध जांच विभाग (CID) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जांच सहित एक बहुआयामी कार्य योजना की घोषणा की है।
छात्रों की मांग- आउटसोर्सिंग सिंडिकेट की CBI से हो स्वतंत्र जांच
यह कामयाबी ऐसे समय में मिली है जब झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC परीक्षाओं में हालिया धांधली JSSC-CGL और 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा के खिलाफ राज्य भर के छात्र पिछले 16-17 दिनों से सड़कों पर हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में हजारों अभ्यर्थियों ने रांची में विधानसभा घेराव और मार्च किया है, जहां पुलिस के साथ झड़प और लाठीचार्ज जैसी स्थितियां भी बनीं। छात्र इस पूरे मामले और आउटसोर्सिंग सिंडिकेट्स की CBI से स्वतंत्र जांच कराने की मांग पर अड़े हुए हैं। (JSSC JE Paper Leak Case)



