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स्पीकर ने दिया उद्दव गुट को बड़ा झटका, एकनाथ शिंदे बने रहेंगे पद पर

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जून में पिछले साल पार्टी में विभाजन के बाद प्रतिद्वंद्वी समूह के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली शिवसेना गुटों की क्रॉस-याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए, महाराष्ट्र अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को कहा कि “जब प्रतिद्वंद्वी गुट उभरे तो शिंदे गुट ही असली शिवसेना था।”महाराष्ट्र में चल रही 16 विधायकों की अयोग्यता याचिका पर स्पीकर ने अपना फैसला सुनाते हुए उद्धव गुट को नकार दिया और एकनाथ शिंदे गुट को विजयी घोषित कर दिया। महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को कहा कि शिवसेना के संविधान के अनुसार, उद्धव ठाकरे के पास एकनाथ शिंदे को विधायक दल के नेता पद से हटाने की कोई शक्ति नहीं है। स्पीकर ने इस पर चुनाव आयोग के फैसले पर भी सहमति जताई। स्पीकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पूरा मसला असली शिवसेना कौन है इसका है। उद्धव ठाकरे गुट और एकनाथ शिंदे गुट दोनों ही इसे लेकर दावा करते हैं और पार्टी के संशोधित संविधान को मानते हैं। लेकिन यह संविधान संशोधन चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में ही नहीं है।

महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर नेएकनाथ शिंदे के दल के 16 विधायकों की अयोग्यता वाली याचिका पर फैसला सुनाते हुए कहा कि चुनाव आयोग के पास 1999 का संविधान है और उसके आधार पर ही फैसला लिया गया है। हम 2018 के संविधान को नहीं मानते। 1999 के संविधान के मुताबिक एकनाथ शिंदे गुटगु ही असली शिवसेना है। उन्होंने कहा कि खुद चुनाव आयोग भी विधायकों की संख्या और संविधान के आधार पर शिंदे गुट को ही शिवसेना का असली अधिकारी मान चुका है। उन्होंने कहा कि आयोग के फैसले को मैंनेअपने निर्णय में ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि 2018 में संगठन का जो ढांचा है, उसेही मान्य रखना होगा। उन्होंने कहा कि उसके बाद शिवसेना मेंसंगठन के चुनाव ही नहीं हुए थे, जो संविधान के अनुसार जरूरी थे।

स्पीकर के फैसले से पहले महाराष्ट्र की डीजीपी रश्मि शुक्ला नेडिप्टी सीएम और गृहगृ मंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। फैसलेकी संवेदनशीलता को देखते हुए पहले ही स्पीकर राहुल नार्वेकर के बंगले के बाहर सुरक्षा सख्त कर दी गई थी।
विधायकों के भविष्य पर फैसलेके पहलेरविवार को सीएम एकनाथ शिंदे की स्पीकर सेमुलाकात पर सवाल उठे थे। उद्धव ठाकरेने कहा था कि इस तरह की मुलाकात 10वीं अनुसूची के तहत नियम का उल्लंघन है। स्पीकर को बिना किसी दबाव में आए साफसुथरा फैसला लेना चाहिए।

उद्धव के सवाल पर स्पीकर बोले- वह सीएम रहे, फिर भी कुछ नहीं पता। उद्धव गुट के सवाल पर स्पीकर राहुल नार्वेकर नेकहा था कि इस तरह के सवाल गलत हैं। उन्होंने कहा उद्धव ठाकरे को यह जानना चाहिए कि सीएम क्यों स्पीकर से मिलने आए थे। ‘वह पूर्व सीएम हैं। उन्हें स्पीकर का रोल समझना चाहिए। स्पीकर बहुत से कामों के लिए सीएम से मिलतेहैं। उद्धव ठाकरे जब सीएम थे तो उन्हें जानना चाहिए था कि स्पीकर का असेंबली में क्या काम होता है। ऐसे कई मसले होते हैं, जिसे लेकर सीएम को स्पीकर के पास जाना होता है और वे मिल सकते हैं।’

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