Women Wrestlers Sexual Harassment Case: महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अंतिम दलीलें पूरी हो चुकी हैं, जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से पूरी तरह इनकार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार ने इस मामले की सुनवाई की।
Women Wrestlers Sexual Harassment Case: यौन उत्पीड़न मामले में ट्रायल अंतिम चरण में
अंतिम बहस के दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने कोर्ट के सामने खुद को निर्दोष बताते हुए सभी आरोपों को गलत और राजनीति से प्रेरित बताया है। सिंह के साथ-साथ WFI के पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी विनोड तोमर की तरफ से भी अंतिम दलीलें पेश की गईं। यह मुकदमा पांच महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर चल रहा है।
1500 पन्नों की चार्जशीट पर चला ट्रायल, अब फैसले की घड़ी करीब
अदालत ने अब शिकायतकर्ता महिला पहलवानों की ओर से अंतिम बहस के लिए बुधवार (1 जुलाई 2026) का दिन तय किया है। इसके बाद कोर्ट इस बहुचर्चित मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है। जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को बृजभूषण सिंह के खिलाफ करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। (Women Wrestlers Sexual Harassment Case)
यह मुकदमा भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (शील भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत चल रहा है। 10 मई 2024 को कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने के बाद से यह मामला लगातार ट्रायल पर था। दोनों पक्षों के गवाहों और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के बयान दर्ज होने के बाद अब यह केस अपने अंतिम फैसले के बेहद करीब पहुंच गया है।











