Rahul Gandhi: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने NEET-UG पेपर लीक विवाद को लेकर जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शनों पर केंद्र सरकार के रुख की कड़ी आलोचना की। नई दिल्ली में रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र अपना दर्द बयां करना चाहते थे, लेकिन सरकार ने एक दमनकारी व्यवस्था थोपकर उन्हें रोकने की कोशिश की।
Rahul Gandhi का आरोप- भाजपा की व्यवस्था से चुनिंदा लोगों को फायदा
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीतिक फिलॉसफी देश पर एक ऐसी व्यवस्था लादना है, जिससे केवल उनके संगठन और कुछ चुनिंदा लोगों को ही आर्थिक या राजनीतिक लाभ मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का प्राथमिक काम इस थोपी गई व्यवस्था को तोड़ना और आम हिंदुस्तानियों को अपनी बात खुलकर कहने के लिए मंच देना है।
Rahul Gandhi ने बलात्कार पीड़िता के परिवार का जिक्र कर सरकार पर साधा निशाना
गांधी ने बलात्कार पीड़िता के परिवार के साथ अपनी बातचीत को भी याद किया और विरोध प्रदर्शन की स्थिति के साथ इसकी तुलना की। उन्होंने कहा, “आज एक महिला मेरे पास आई, जिसकी बेटी का चार साल पहले उत्तराखंड में बलात्कार कर हत्या कर दी गई थी। वह रो रही है, अपनी भावनाएं व्यक्त करने की कोशिश कर रही है, लेकिन व्यवस्था कहती है, माफ कीजिए, हम आपको अपनी भावनाएं व्यक्त करने की अनुमति नहीं देंगे।
क्योंकि अगर आप अपनी भावनाएं व्यक्त करेंगी तो अराजकता फैल जाएगी। इसलिए उनका काम और उनकी राजनीतिक विचारधारा भारत पर एक व्यवस्था थोपना है, एक ऐसी व्यवस्था जिससे उन्हें और कुछ अन्य लोगों को लाभ हो। और हमारा काम भारत को अपनी भावनाएं व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना और उस व्यवस्था को तोड़ना है।”
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त हो गया। संसद में विपक्षी दलों ने गृह मंत्री अमित शाह से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ “पुलिस कार्रवाई” पर बयान देने की मांग की।
Rahul Gandhi का RSS पर तंज- ‘आज के भारत की भावना को समझने में असमर्थ’
इस दौरान कांग्रेस नेता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वे आधुनिक और आज के बदलते भारत की असलियत एवं उसकी भावना को समझने में पूरी तरह असमर्थ हैं। यह राजनीतिक गतिरोध ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर केंद्रीय गृह मंत्री से प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, “मैं समझ सकता हूँ कि अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे हैं और अचानक आप कहते हैं, ‘मुझे थोड़ा डर लग रहा है।’ लेकिन आप तो कुछ मसखरों से लड़ रहे हैं। आप डर कैसे सकते हैं? आप सचमुच कुछ मसखरों, ऐसे विदूषकों से लड़ रहे हैं जिन्हें हमारी विचारधारा का कोई ज्ञान नहीं है, हमारे इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। मैं आरएसएस में अपने दोस्तों के बारे में यह बात स्वाभाविक रूप से कह सकता हूँ। यह मेरे लिए स्पष्ट है।”
उन्होंने आगे कहा, “दरअसल, ज्यादातर लोगों को यह बात साफ तौर से पता है कि इन लोगों को भारत की कोई समझ नहीं है। क्यों? क्योंकि जो व्यक्ति आज के भारत से जुड़ाव महसूस नहीं कर सकता, वह भारत को समझ ही नहीं सकता। भारत को समझने के लिए आप 3000 साल पहले के भारत को नहीं समझ सकते। आपको इसे आज, इसी वक्त समझना होगा। और इसे आज समझने का एकमात्र तरीका है इसकी अभिव्यक्ति को समझना।”
राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्षी दल संसद के भीतर और बाहर केंद्रीय गृह मंत्री से प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही मांग रहे हैं।











