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500 साल के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम की घर वापसी, देशभर में जश्न का माहौल

500 साल के वनवास के बाद सोमवार को घर वापसी पर भगवान श्रीराम का भव्य स्वागत करने के लिए अयोध्या तैयार है। श्रीरामलला की ‘प्राण प्रतिष्ठा’ का ऐतिहासिक अनुष्ठान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संतों और कई विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में होगा।

‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह कार्यक्रम का समय

राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि पीएम मोदी सुबह 10.25 बजे महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वह 10.45 बजे अयोध्या हेलीपैड पर पहुंचेंगे जहां से वह सीधे श्रीराम जन्मभूमि स्थल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद वह सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेंगे, जबकि दोपहर 12.05 बजे से 12.55 बजे तक ‘प्राण प्रतिष्ठा’ समारोह होगा। दोपहर 1 बजे कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे, जहां वह अन्य खास मेहमानों के साथ पूरे देश और दुनिया को संबोधित करेंगे। सीएम योगी यहां अपना संबोधन भी देंगे।

दुल्हन की तरह सजी है अयोध्या नगरी

इस बीच अयोध्या नगरी को हजारों क्विंटल फूलों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। अवधपुरी में उत्सव का माहौल है। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या धाम समेत देशभर के मंदिरों में राम संकीर्तन और राम चरित मानस का पाठ किया जा रहा है। अयोध्या में जन्मभूमि पथ से लेकर राम पथ, भक्ति पथ और धर्म पथ तक एक दिव्य आभा दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से विविध संगीत और नृत्य परंपराओं को प्रस्तुत करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न स्थानों पर हो रहे हैं। भगवान राम के भजन वातावरण में व्याप्त हैं।

श्रीराम जन्मभूमि स्थल को विभिन्न प्रकार के देशी और विदेशी फूलों से सजाया गया है, जबकि जन्मभूमि पथ, राम पथ, धर्म पथ और लता चौक को भी सुंदर फूलों से सजाया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए मंच बनाये गये हैं। विभिन्न धर्मगुरुओं द्वारा अलग-अलग स्थानों पर राम कथा का आयोजन किया जा रहा है और विभिन्न देशों की रामलीलाओं का मंचन भी किया जा रहा है।

एलईडी लाइटिंग से जगमगाया अयोध्या धाम

लता चौक पर लगी वीणा को भी लाइटिंग और फूलों के अद्भुत संयोजन से रोशन किया गया है। अयोध्या धाम में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां फूलों या एलईडी लाइटिंग से रोशनी न की गई हो। इसके अलावा, अयोध्या की ओर जाने वाले विभिन्न राजमार्गों को भी फूलों और रोशनी से सजाया गया है। पूरे अयोध्या धाम में भित्ति चित्रों और दीवार चित्रों के माध्यम से भगवान श्रीराम की जीवनी से संबंधित विभिन्न अध्यायों को चित्रित किया गया है। राम की पैड़ी में सरयू आरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम और लेजर शो दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं।

शाम को सूर्यास्त के बाद अयोध्या में दस लाख दीपक जलाकर दीपोत्सव की भी तैयारी की गई है। पूरे देश और दुनिया में दीपोत्सव मनाया जाएगा। पीएम मोदी और सीएम योगी ने देशवासियों से सूर्यास्त के बाद 5 दीपक जलाने का आग्रह किया है।

समारोह के अनुष्ठान का मार्गदर्शन करेंगे 121 आचार्य

इस बीच 121 आचार्य होंगे जो समारोह के अनुष्ठान की सभी प्रक्रियाओं का समन्वय, समर्थन और मार्गदर्शन करेंगे। वाराणसी के गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ सभी प्रक्रियाओं की निगरानी, ​​समन्वय और मार्गदर्शन करेंगे और काशी के लक्ष्मीकांत दीक्षित मुख्य आचार्य होंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे।

गौरतलब है कि प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया 16 जनवरी से ही शुरू हो चुकी है। 16 जनवरी को प्रायश्चित और कर्मकुटी पूजा की गई, वहीं 17 जनवरी को मूर्ति का परिसर में प्रवेश हुआ। भव्य नए मंदिर का गर्भगृह में 18 जनवरी को रामलला की मूर्ति स्थापित की गई। 19 जनवरी को औषधिधिवास, केसराधिवास, घृतधिवास, 20 जनवरी को सुगरधिवास, फलाधिवास, पुष्पाधिवास और 21 जनवरी को मध्याधिवास और शयाधिवास का आयोजन किया गया।ॉ

विभिन्न क्षेत्रों के 8,000 से अधिक प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रण

प्राण प्रतिष्ठा के लिए संतों के साथ विभिन्न क्षेत्रों के 8,000 से अधिक प्रतिष्ठित लोगों को आमंत्रित किया गया है। इनमें से कई लोग पहले ही अयोध्या धाम पहुंच चुके हैं जबकि बाकी लोग सोमवार सुबह तक पहुंचेंगे। इसके अलावा भारतीय अध्यात्म के सभी विद्यालयों के आचार्य, धर्म, संप्रदाय, पूजा पद्धति, परंपराएं, संत, 150 से अधिक परंपराओं के महामंडलेश्वर, मंडलेश्वर, श्रीमहंत, महंत, नागा के साथ ही 50 से अधिक आदिवासियों के प्रमुख भी शामिल हैं। समारोह में पहाड़ी, तटीय और द्वीपीय परंपराएं मौजूद रहेंगी। भारत के इतिहास में यह पहली बार है कि पहाड़ों, जंगलों, तटीय क्षेत्रों, द्वीपों आदि के निवासी एक ही स्थान पर इस तरह के समारोह में भाग ले रहे हैं।

शैव, वैष्णव, शाक्त, गाणपत्य, पाट्य, सिख, बौद्ध, जैन, दशनाम शंकर, रामानंद, रामानुज, निम्बार्क, माधव, विष्णु नामी, रामसनेही, घीसापंथ, गरीबदासी, गौड़ीय, कबीरपंथी, वाल्मिकी, शंकरदेव (असम) सहित विभिन्न परंपराओं के लोग, माधव देव, इस्कॉन, रामकृष्ण मिशन, चिन्मय मिशन, भारत सेवाश्रम संघ, गायत्री परिवार, अनुकूल चंद्र ठाकुर परंपरा, ओडिशा के महिमा समाज, अकाली, निरंकारी, नामधारी (पंजाब), राधास्वामी और स्वामीनारायण, वारकरी, वीर जैसी कई सम्मानित परंपराएं समारोह में शैव आदि भी शामिल होंगे। गर्भगृह में प्राण प्रतिष्ठा के समापन के बाद गणमान्य लोग रामलला के दर्शन करेंगे।

अयोध्या की सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात

रामलला प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखते हुए अयोध्या में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर को रेड और येलो दो जोन में बांटा गया है। पूरे शहर में एसपीजी, एनएसजी ब्लैक कैट कमांडो, सीआरपीएफ कोबरा, सीआईएसएफ, आरएएफ, एनडीआरएफ की इकाइयां तैनात की गई हैं। यूपी पुलिस की टीमें शहर के चप्पे-चप्पे पर पहरा दे रही हैं। छतों और महत्वपूर्ण स्थानों पर भी स्नाइपर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो और रॉ भी गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं।

राज्य के विभिन्न जिलों से 100 से अधिक डीएसपी, लगभग 325 इंस्पेक्टर और 800 सब-इंस्पेक्टर को धाम में तैनात किया गया है, जबकि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 11,000 जवानों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया गया है। वीआईपी सुरक्षा में तीन डीआइजी, 17 एसपी, 40 एएसपी, 82 डीएसपी, 90 इंस्पेक्टर समेत एक हजार से अधिक सिपाही और चार कंपनी पीएसी तैनात की गई है।

श्रद्धालुओं को पर्यटन स्थलों की जानकारी देने के लिए 250 पुलिस गाइड भी उपलब्ध हैं। योगी सरकार धाम की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए आईटीएमएस, सीसीटीवी, कंट्रोल रूम और सार्वजनिक सीसीटीवी की भी मदद ले रही है। एआई तकनीक पर आधारित एंटी ड्रोन सिस्टम पूरी तरह एक्टिव मोड में है। इसके अलावा, मेहमानों के 23,000 वाहनों के लिए 51 स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पहुंच की सुविधा के लिए पार्किंग स्थलों को गूगल मैप पर अपलोड किया गया है। वीवीआईपी, वीआईपी और अन्य मेहमानों के लिए पार्किंग स्थान भी आरक्षित किए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों को वायरलेस और पीए सिस्टम से सुसज्जित किया गया है।

चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम

स्वास्थ्य विभाग ने भी चिकित्सीय आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यापक इंतजाम किये हैं। सीएमओ डॉ. संजय जैन ने बताया कि विभाग ने आयोजन क्षेत्र में 16 स्थानों पर राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सहयोग से प्राथमिक चिकित्सा इकाइयां गठित की हैं। प्रत्येक यूनिट में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक वार्ड बॉय होता है। इनके अलावा 10 और 20 बेड की क्षमता वाले दो अस्पताल भी बनाए गए हैं। इसके अलावा 40 एंबुलेंस की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज, श्रीराम अस्पताल अयोध्या, जिला अस्पताल अयोध्या, महिला जिला अस्पताल और कुमारगंज अस्पताल में आपातकालीन स्थिति के लिए 190 बेड आरक्षित किए गए हैं।

वीवीआईपी महमानों के लिए खास प्रबंध

प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए अयोध्या-लखनऊ, अयोध्या-गोरखपुर, अयोध्या-प्रयागराज और अयोध्या-वाराणसी हाईवे को ग्रीन कॉरिडोर में तब्दील कर दिया गया है। अपने हेलीकॉप्टर और प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन से आने वाले वीवीआईपी के लिए महर्षि वाल्मिकी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अयोध्या धाम के साथ ही 5 राज्यों के 12 शहरों के एयरपोर्ट पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

समारोह में क्रिकेट जगत, फिल्म जगत, संत समाज, राजनीति, कला, साहित्य एवं संस्कृति समेत अन्य क्षेत्रों के विशिष्ट अतिथियों को भी आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों का आगमन अयोध्या धाम में शुरू हो गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने 22 जनवरी को छुट्टी की घोषणा की है, जबकि केंद्र सरकार ने दोपहर 2.30 बजे तक आधे दिन की छुट्टी की घोषणा की है। वहीं, कई अन्य राज्यों और प्रतिष्ठानों ने भी छुट्टियों की घोषणा की है। 

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