Skip to main content

श्रेष्ठ भारत (Shresth Bharat) | Hindi News

मोहम्मद यूनुस बने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया, मिल चुका है नोबेल पुरस्कार

बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को चुना गया हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन में हुई एक मीटिंग के बाद इस फैसले पर मुहर लगाई गई।
Muhammad Yunus| shreshth bharat

Muhammad Yunus: बांग्लादेश में तख्तापलट हो चुका है। जल्द ही वहां अंतरिम सरकार का गठन होने वाला है। इसी बीच यह खबर आ रही है कि बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस को चुना गया हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की अध्यक्षता में राष्ट्रपति भवन में हुई एक मीटिंग के बाद इस फैसले पर मुहर लगाई गई। मोहम्मद यूनुस को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने का प्रस्ताव प्रदर्शनकारी छात्रों को भी पसंद आया है। उन्होंने सरकार के इस फैसले को स्वीकार किया। बता दें कि इस मीटिंग में आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व करने वाले छात्र नेताओं के साथ-साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख भी शामिल हुए थे।

कौन हैं Muhammad Yunus?

अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के रूप में ‘गरीबों के बैंकर’ कहे जाने वाले मोहम्मद यूनुस प्रदर्शनकारी छात्रों की पहली पसंद थे। मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के कट्टर विरोधी कहे जाते हैं। शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ने के पीछे एक प्रमुख कारण इन्हें भी माना जा रहा है।

भारत ने इससे पहले भी शेख हसीना को दी थी पनाह, गुजारे थे 6 साल

बता दें कि यूनुस और उनके द्वारा स्थापित ग्रामीण बैंक को 2006 का नोबेल शांति पुरस्कार मिला चुका है। यूनुस ने कई गांव में रहने वाले गरीबों को 100 डॉलर से कम के छोटे-छोटे कर्ज दिलाकर लाखों लोगों की मदद की थी, जिन्हें कोई लोन नहीं देता था। उनके कर्ज देने के इस मॉडल ने दुनिया भर में ऐसी कई योजनाओं को प्रेरित किया। अमेरिका में यूनुस ने एक अलग गैर-लाभकारी संस्था ग्रामीण अमेरिका की भी शुरुआत की।

यूनुस ने 2007 में अपनी खुद की पार्टी भी बनाने की कोशिश की, लेकिन जब उनकी इस महत्वाकांक्षा ने बड़ा रूप लेना शुरू किया तब शेख हसीना उनसे नाराज हो गई। हसीना ने यूनुस पर ‘गरीबों का खून चूसने’ का आरोप भी लगाया था।

बांग्लादेश की हिंसा का भारत पर कितना होगा असर, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

बांग्लादेश और पड़ोसी भारत सहित अन्य देशों के आलोचकों का भी कहना है कि माइक्रोलेंडर्स अधिक ब्याज वसूलते हैं और गरीबों से पैसे कमाते हैं। इसपर यूनुस ने कहा कि ये दरें विकासशील देशों में स्थानीय ब्याज दरों की तुलना में बहुत कम हैं। फिर साल 2011 में हसीना सरकार ने उन्हें ग्रामीण बैंक के प्रमुख के पद से हटा दिया। सरकार ने इसका कारण देते हुए कहा था कि 73 वर्ष के यूनुस 60 वर्ष की कानूनी सेवानिवृत्ति की आयु के बाद भी पद पर बने हुए थे। इस फैसले का लोगों ने विरोध भी किया था।

Muhammad Yunus पर चल रहे 100 से ज्यादा मुकदमे

इसी साल जनवरी में यूनुस को श्रम कानून के उल्लंघन के लिए 6 महीने की जेल की सजा सुनाई गई थी। जून में बांग्लादेश की एक अदालत ने यूनुस और 13 अन्य लोगों पर केस चलाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने द्वारा बनाए गए एक दूरसंचार कंपनी में काम करने वाले लोगों के कल्याण कोष से 252.2 मिलियन टका (2 मिलियन डॉलर) का गबन किया है। हालांकि उन्हें किसी भी मामले में जेल नहीं भेजा गया। बता दें कि यूनुस पर भ्रष्टाचार और अन्य कई आरोपों के 100 से अधिक मामले चल रहे हैं।

शेख हसीना के लंदन जानें की अटकलों के बीच, ब्रिटेन गृह मंत्रालय का आया बयान

संबंधित खबरें

वीडियो

Latest Hindi NEWS

JPSC protest
JPSC protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर बवाल, भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो अस्पताल में भर्ती
Colombia Earthquake
कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप, 20 की मौत; कई इमारतें ढहीं, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
Jantar Mantar Students Protest
जंतर-मंतर विवाद पर नड्डा का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- सदन में आइए, चर्चा के लिए तैयार है सरकार... मुंहतोड़ मिलेगा जवाब
Assam Flood
असम में बाढ़ का तांडव: 100 मौतें, 1.4 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित; गोलाघाट में धनसिरी ने बढ़ाई तबाही
Jharkhand Student Protest
JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के विधानसभा घेराव मार्च में हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ने पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां; वॉटर कैनन का किया इस्तेमाल
Jharkhand Students Protest
Jharkhand Students Protest: आमरण अनशन के बीच विधानसभा घेराव में पहुंचे देवेंद्र नाथ महतो, बोले- सरकार को माननी होगी युवाओं की मांग