मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। वह अब FIR लिखते समय उर्दू और फारसी के शब्दों का इस्तेमाल नहीं करेगी। राज्य सरकार ने इस पर पाबंदी लगाते हुए कहा कि अब उर्दू और फारसी के शब्दों की जगह हिंदी के शब्दों का उपयोग किया जाएगा।
हटेंगे 69 फरसी और उर्दू के शब्द
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, क्राइम इन्वेस्टिगेशन के एडीजी ने राज्य के सभी अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को 69 उर्दू और फारसी के शब्दों की लिस्ट भेजी है। साथ ही आदेश दिया है कि ज्यादा से ज्यादा हिंदी शब्दों का इस्तेमाल करें।
एडीजी ने जारी की लिस्ट
मिली जानकारी के मुताबिक, जनवरी 2022 में इसकी शुरुआत की गई थी। उस समय तत्कालीन गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पुलिस की लिखित कार्रवाई से उर्दू और फारसी शब्दों के उपयोग को हटाकर हिंदी शब्दों के इस्तेमाल का समर्थन भी किया था। अब पुलिस मुख्यालय के क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्रांच के एडीजी ने बकायदा इस पर आदेश जारी करते हुए पुलिस को ऐसे 69 शब्दों की लिस्ट भेजी है। साथ ही, एक महीने में इस संबंध में हुई प्रगति की जानकारी भी देने को कहा।
गिरफ्तार, हलफनामा और तामील जैसे शब्दों का नहीं होगा इस्तेमाल
बता दें कि पुलिस की आम शब्दावली में जुर्म, कत्ल, हस्ब जेल, अदालत, हमराह, दस्तयाब, आमद, इस्तगासा, तफ्तीश, इरादतन, गैर इरादतन, गिरफ्तार, हलफनामा, तामील, मुलजिम, मुजरिम, गवाह, बयान, खैरियत, माकूल सहित कई उर्दू और फारसी के शब्दों का इस्तेमाल हो रहा था। अब इनकी जगह हिंदी शब्दों का प्रयोग किया जाएगा।
उर्दू और फारसी की जगह अब इन हिंदी शब्दों का होगा इस्तेमाल
- कैदखाना – बंदी गृह
- अदालत – न्यायालय
- जाप्ता फौजदारी – दंड प्रक्रिया संहिता
- ताजिरात-ए-हिंद – भारतीय दंड संहिता
- हाजिर/गैरहाजिर – उपस्थित/अनुपस्थित
- तहरीर – लिखित/लेखीय विवरण
- तफ्तीश/तहकीकात – अनुसंधान/जांच
- इस्तगासा – दावा, परिवाद
- कब्जा – आधिपत्य
- इरादतन – साशय
- चश्मदीद/गवाह – प्रत्यक्षदर्शी, साक्षी
- कत्ल/कातिल/कतिलाना – हत्या,वध/हत्यारा/प्राणघातक
- गिरफ्तार/हिरासत – अभिरक्षा
- गुजारिश – प्रार्थना, निवेदन
- नकबजनी – गृहभेदन, सेंधमारी
- बयान – कथन
- हलफनामा – शपथ पत्र
- फरियादी – आवेदक, शिकायतकर्ता
- फैसला – निर्णय
- फौत – मृत्यु
- मुकीम – रुकना, ठहरना
- सजा/बरी – दोषसिद्ध/दोषमुक्त
- माकूल – उचित
- मुल्जिम/मुजरिम – आरोपी/अपराधी
- जुर्म, (जरायम) दफा – अपराध, धारा
- इजाफा – वृद्धि, बढ़ाना
- आमद/रवाना – रवानगी आगमन, प्रस्थान
- कायमी – पंजीयन
- अदम चैक – असंज्ञेय, पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य अपराध की सूचना
- इत्तिला/इत्तिलान – सूचना/सूचनार्थ इमरोजा
- कैफीयत/मजनून/तफसील – विवरण, विस्तृत विवरण
- इमदाद – मदद सहायता
- तामील/अदम तामील – सूचना/सूचित न होना
- खारिज/खारिजी – रद्द निरस्त/निरस्तीकरण
- म्याद – समय सीमा, अवधि
- खैरियत – कुशलता
- खून आलूदा – रक्त रंजित, रक्त से सना हुआ
- गवाह/गवाहन – साक्षी/साक्षीगण
- जमानत/मुचलका – प्रतिभूति/बंध पत्र
- जप्त – अभिग्रहण, अधिग्रहण
- जख्म/जख्मी/मजरूब – चोट, घाव/घायल, आहत
- ताकीद/हिदायत – चेतावनी, समझाइश
- तफ्तीश कुनिंदा – विवेचक, अनुसंधानकर्ता, अन्वेषक
- जरिए – माध्यम
- तहत – अंतर्गत
- दीगर – अन्य दूसरा
- मौका-ए-वारदात – घटनास्थल
- नजीर – दृष्टांत
- परवाना – परिपत्र, अधिपत्र
- थाना हाजा – आरक्षी केंद्र पर उपस्थित
- तब्दील – परिवर्तित, परिवर्तन
- मशरुका – संपत्ति मुतफर्रिक की जगह विविध
- दस्तावेज – प्रपत्र अभिलेख
- दस्तयाब – खोज लेना, बरामद
- मर्ग – अकाल मृत्यु
- मंजूरशुदा – स्वीकृत
- आला जरब/आला जरर/आला ए कत्ल – घटना, अपराध या हत्या में प्रयुक्त हथियार
- हस्ब जेल – उपरोक्तानुसार, के अनुसार
- गोशवारा – नक्शा
- शिनाख्त – पहचान सहवन की जगह भूलवश, त्रुटिवश
- दस्तंदाजी/अदम दस्तंदाजी – संज्ञेय/असंज्ञेय
- सकुनत/साकिन – पता/निवास
- सबूत – साक्ष्य, प्रमाण
- संगीन – गंभीर
- हमराह – साथ में
- हिकमत अमली – विवेकानुसार







